23-06-2026

सर्कस

कार्तिक की उजली रात थी। आकाश में चांद कटी हुई कचौड़ी की तरह पीला और चिकना दिख रहा था। धान के खेतों से सोंधी, अलसाई महक आ रही थी। ठीक उसी समय पूरब टोली के पोखर के पास बंधे लाउडस्पीकर ने भों-भों करना शुरू किया और पूरे नौडीहा गांव की छाती धड़क उठी। “आ गया है

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       18-06-2026

विक्षिप्त हमारी संवेदना।

गर्मी की एक चिलचिलाती सुबह थी। मैं रोज़ की तरह मोहल्ले की चाय की दुकान पर खड़ा चाय की चुस्कियाँ ले रहा था। दुकान पर लोगों की भीड़ थी, राजनीति पर बहस चल रही थी और हर कोई अपने-अपने ज्ञान का प्रदर्शन करने में व्यस्त था। तभी फटे-पुराने कपड़ों में एक विक्षिप्त

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       10-06-2026

एक सफर -सौ तमाशे

एक सफर - सौ तमाशे मैं समय हूँ... रेलवे स्टेशन में लगे घड़ी का समय। आप मेरे समय को देख कर रेल के टाइम से आने का समय न मिलाए और न ही अपनी घड़ी को मिलाएं, मै रेलवे का समय हूं। मैंने राजाओं का उत्थान-पतन देखा है, साम्राज्यों को बनते-बिगड़ते देखा है, किंतु जो

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       09-06-2026

नियुक्ति पत्र का महाभारत।

नियुक्ति पत्र का महाभारत। हमारे यहां शिक्षक की नियुक्ति अब नौकरी नहीं रही, यह तपस्या बन चुका है। पहले ऋषि-मुनि जंगल में बैठकर भगवान को प्रसन्न करते थे, आज अभ्यर्थी साइबर कैफे, कोचिंग और कोर्ट-कचहरी के बीच बैठकर नियुक्ति पत्र क के लिए आयोग को प्रसन्न करने

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       06-06-2026

हाय रे बस (यात्रा संस्मरण)

जीवन में कुछ यात्राएँ आदमी को अनुभव देती हैं, कुछ ज्ञान देती हैं और कुछ ऐसी होती हैं जो हड्डियों की गिनती दोबारा करा देती हैं। करेजा करड़ करड़ करे लगता है।डाल्टनगंज से औरंगाबाद की मेरी बस यात्रा तीसरी श्रेणी में आती है। ड्यूटी से गिरते हांफते बस स्टैंड पह

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       29-05-2026

मजनू भाई का नया शाहकार।

खैनी रगड़ते हुए मधेसर चा बोले, देख रहे हो बगेदन - दीवार पर ऊपर गाँधी जी मुस्कुरा रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे कह रहे हों “हे राम, का यही सब के लिए हम अंग्रेज को यहां से भगाएं थे?” बगल में राष्ट्रपति जी शांति से देख रही हैं, जैसे उनका अगला पद्मश्री साक्षात्

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       22-05-2026

कॉकरोच पार्टी जिंदाबाद।

बक मर्दे, जिस देश में देश की महिलाओं का सबसे बड़ा दुश्मन कोकरोच होता है, उसी देश में चार दिन से कोकरोच देश बदलने की बात कर रहे हैं। बाप का चार चप्पल तुम्हारा सारा भूत उतार देगा गंदे कोकरोच। तुम वही कोकरोच हो न रे, जो रेल के शौचालय में आपन

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       22-05-2026

मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ।

ऊ दिन हम बाबू साहेब के चाय दुकान पर बैठल थे। बरसात के बाद कीचड़ ऐसा पसरा था जैसे सरकार का वादा चुनाव के बाद फैल जाता है। सामने टीवी पर समाचार चल रहा था। एंकर अइसन चिल्ला रहा था जैसे देश की सीमा पर युद्ध नहीं, बल्कि उसकी खुद की नौकरी दांव पर लगी हो।

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       20-05-2026

राष्ट्रीय स्तर का भाग्य परीक्षण।

नीट परीक्षा अब परीक्षा कम, “राष्ट्रीय स्तर का भाग्य परीक्षण” ज्यादा लगने लगा है।हमरा गांव के लोग पहले सोचता था कि डॉक्टर बनने के लिए पढ़ाई जरूरी है। अब समझ में आया कि पढ़ाई के साथ-साथ “पेपर का जीपीएस लोकेशन” भी होना चाहिए। हमरा नाम पिंटू कुमार है।

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       20-05-2026

ऑनलाइन दुकानदारी

अरे भाई साहब! ई का तमाशा चल रहा है। गांव के लोग अभी सुगा-मैना नियर "ऑनलाईन-ऑनलाईन" रटिए रहे थे कि शहर के दवा दुकान वाले भाई लोग सीधे शटर गिरा के हड़ताल पर बैठ गए! ई तो वही बात भइल कि लइका जनमल ना, आ मुंडन के तैयारी शुरू। शहर वाले कह रहे हैं कि ऑनलाईन

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       26-04-2026

नींद में लिपटे सैनिक और जागता हुआ सेनापति..

बात-बात पर हमने, अपने एक अधीनस्थ कर्मी से बोला की इस बार ब्लॉक प्रबंधक की नियुक्ति आएगी तो फॉर्म अप्लाई कर देना... वह बोली न बाबा न मुझे ऐसा सेनापति नहीं बनना जिसके सैनिक सोए हुए रहते..! हमने बोला सेनापति के सम्मानित उपाधि से ब्लॉक प्रबंधक के पद को न...

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       26-04-2026

छिपकली कभी मगरमच्छ नहीं हो सकती..!

हमारे एक सहकर्मी का एक वाक्य मुझे चिंतनशील कर दिया और कुछ लिखने पर मजबूर कर दिया। जब उन्होंने किसी बात पर कहा की छिपकल्ली को नदी में डाल देने से वह मगरमच्छ नहीं बन सकती..! दीवारों पर चिपकी हुई खूबसूरत लगती छिपकलियों की कार्यकुशलता नदी में तैरती मगर..

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       20-04-2026

बहुत बहुत बहुत सुंदर।

शीर्षक: “बहुत बहुत बहुत बहुत सुंदर… और उतनी ही लंबी मुसीबत” कार्यालय में ड्रेस कोड लागु होना था, सभी कनीय बंधु बाँधवों को ड्रेस सिला लेने को कहा गया। एक महिला से कहा गया की आप नई ड्रेस के साथ सैंपल के तौर पर एक चित्र भेजें। ताकि उससे बाकियों का अंदाजा...

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       18-04-2026

गड्ढा- ए- सड़क

छह महीने पहले मेरी पूरी बॉडी डायबिटीज के रंग में रंगी थी और आज पूरी बॉडी धूल में है। लेकिन मुझे बहुत खुशी है कि मेरा गढ़वा तरक्की के रास्ते पर चल पड़ा है। नवादा मोड़ से रंका मोड़ तक रास्ते में धूल ही धूल, गड्ढे ही गड्ढे हैं। शानदार गड्ढे—इतने शानदार कि आप

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       23-03-2026

आ बैल मुझे मार !

ट्रंप चाचा, ओ भाऊ श्री वाले ट्रंप चाचा। एगो सलाह दें, अगर बम काम नहीं कर रहा है तो क्यों नहीं हमरा देश से एकाध दर्जन डायन मंगवा लेते हो। भारत में इसका जबरदस्त क्रेज है। आऊ त आऊ, मारन क्षमता भी एकदम गारंटेड है। इसके साथ साथ हमरा देश में मुंहनोछवा, चोटीकटवा

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       19-03-2026

वलसाड़ में तीन दिवसीय आत्म उत्कर्ष ध्यान-योग शिविर एवं गुजरात गौरव सम्मान-2026 का आयोजन।

यूनिक रिकॉर्ड्स ऑफ यूनिवर्स, जो कि दिव्य प्रेरक कहानियाँ मानवता अनुसंधान केंद्र न्यास, ठेकमा, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश की एक इकाई है, द्वारा धराधाम अंतर्राष्ट्रीय, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) के सहयोग से गुजरात के वलसाड़ जिले में स्थित हार्टफुलनेस योग प्रशिक्षण...

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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की 30 कर्मयोगी समूह दीदियों को सारनाथ एवं स्वर्वेद मंदिर का भ्रमण

भगवान बुद्ध के चार प्रमुख पवित्र स्थलों में से एक सारनाथ—ज्ञान एवं उपदेश की पावन भूमि—वास्तव में वही दिव्य स्थान है, जहाँ भाग्यशाली एवं विरले ही पहुँच पाते हैं। आजमगढ़ जिले की ठेकमा ब्लॉक की चयनित समूह दीदियाँ इस पवित्र स्थल पर पहुँचीं और वहाँ...

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       09-02-2026

बहुत हुआ सम्मान।

मैं लक्ष्मी-वंदना में व्यस्त था, हे भ्रष्टाचार प्रेरणी, हे कालाधनवासिनी, हे वैमनस्यउत्पादिनी, हे विश्वबैंकमयी, हे कष्टनिवारिणी मुझपर कृपा कर! बचपन में मुझे चवन्नी मिलती थी पर इच्छा अठन्नी की होती थी, परंतु तेरी चवन्नी भर कृपा कभी न हुई। यहाँ तक मुझमें....

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सम्मानित अशोक कुमार को राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाना: समर्पण सेवा और संकल्प की गौरव गाथा!

दिनांक 3 दिसंबर 2025 शिक्षा जगत के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादाई दिवस के रूप में स्मरणीय बन गया जो माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा अशोक कुमार को राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया यह सामान ने केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियां की पहचान है बल्कि समर्पण..

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       01-01-2026

नयका साल।

नयका साल। क्या क्या सोचे थे! इस बार नए साल पर चिनिया मोड़ वाले नाली में दिन भर पड़े रहेंगे, कुत्ता से मुंह चटवाएंगे। साला सब गुड गोबर हो गया। एक तारीख को बृहस्पतिवार पड़ गया। इसीलिए मुझे अंग्रेजों वाला नया साल अच्छा नहीं लगता है, नया साल तो हमारा है....

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       30-12-2025

बिकने की भी हद हो गई, सुना है अरावली बिकने वाली है..!

बिकने की भी हद हो गई.. पहले रेल, सेल, भेल, स्टेशन, एयरपोर्ट, सी पोर्ट, बिजली संयत्र, कल कारखाने, खाद्यान्य, खनन पट्टी, सरकारी सार्वजनिक परिसंपत्तियां बिकता था, छोटे मोटे पहाड़ अपने कारपोरेट मित्रों को बेच देते थे चलो कोई बात नहीं..! पूर्वजों ने संपत्ति..

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       02-12-2025

जलना ही तो चलना है।

आंखें धसती है धसने दे, दुनिया हंसती है हंसने दे। कर्तव्य पथ ना छोड़ देना, जीवन रथ ना मोड़ लेना। गति ऐसी हो आस न रहे, चाहत ऐसी हो प्यास न रहे। धुएं सी निंदा कितना ढंकेगी, जलेगी आग वो खुद छंटेगी। अंदर की लौ जब बाहर आए, धधक उठे फिर सबको हरषाए। अब .....

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       27-10-2025

नेताओं की एक ही पुकार - हो हमारा विकसित बिहार।

बिहार चुनाव में वोटर और नेताओं की प्रजाति का मन जानने निकले थे हम। जी हां हम। एक तथाकथित व्यंग्यकार, जिसका गांव गर्दन का कुछ ठिकाना नहीं, अपने लिखते हैं, अपने पढ़ते हैं, और अपने ही, अपने लेख पर सकारात्मक टिप्पणी भी करते हैं। खैर अपनी प्रशंसा तो होते ही रह

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       13-10-2025

कबीरा तेरे देश में ....।

हे ईश्वर, हे बऊरहवा बाबा, पीपर तर के बाबा तुमसे हाथ जोड़ कर बिनती है कि ई बार बिहार चुनाव में हमन लड़ोर सब के मान सम्मान रखना। 243 में बाकी जेकरा मन करे ओकरा जीतवा देना लेकिन हमन के पसंदीदा ई पांच उम्मीदवार के भारीमत से जीतवा कर मनोरंजन से लबरेज रखना।

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