27-03-2022

सरिता संगीत पथ प्रेम मृत्यु

यह कविता एक नदी के प्रवाह को दर्शाती है उस नदी की बहाती हुई धारा को समझती है कि जब नदी बहाती है तो एक संगीत के साथ कलकल करती हुई और मनोरम संगीत के साथ मन को लुभाती हुई जीवन की प्यास बुझती हुई और ये समझाती हुई कि मेरा जीवन एक वैराग्य सा है जो निस्वार्थ है

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       27-03-2022

आहत स्त्री

।। आहत स्त्री ।। # स्त्री का मन होता हैं फूल सा कोमल उसके भीतर के अहसास भी होते छुईमुई से और नाजुक । क्यूं और कब,कैसे और कहां हो जाती हैं फिर वो आहत भीतर ही भीतर ।। कब और कैसे हो जाती हैं चोटिल उसके भाव ।। संस्कारों की खान बन चलती हैं मर्यादा का पालन करती

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विश्व रंगमंच दिवस

जीवन है सर्वज्ञ मनुज का कुछ बेहतर कर जाओ । बल-वैभव, यश-कीर्ति मिले ऐसा किरदार निभाओ ।। रंगमंच यह विश्व जगत है

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       26-03-2022

किसान

सुबह निकलता कन्धे हल रखकर दो बैलों की जोड़ी लेकर चलता है वह मचल-मचल कर देखो कितना बलवान है न दिल का सच्चा नेक इंसान है न सच में ये किसान है न

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शहीदे आजम: सरदार भगत सिंह

सिंह गर्जना थी तुम में साहस अदम्य, बल पौरुष था । मां भारती के अमर पुत्र बुद्धि विवेक अपर बल था ।।

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एक संदेश

शायद ये ज़िंदगी ही तो है, जो ईक अहसास दिलाती रहती है, मन के खाली पन का ख़ुद को अर्थ हीन होने का।

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जल : जीवन का अवलंबन

जड़ चेतन का पोषक जल है । जल बिनु सूना सारा जग है जल ही जीवन का द्योतक है ।। हिम शिखरों पर हिम खंड रुप में

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       21-03-2022

साहित्य की ताकत

संस्कृति सभ्यता का उपवन साहित्य ज्ञान की झांकी है। प्रगतिशील होता वह देश साहित्य जहां की साखी है ।।

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       21-03-2022

रंगों की दुनियाँ

रंगों की दुनियाँ, स्नेहा सिंह

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गौरैया

आज सुबह मेरे आंगन में फुदक फुदक कर नाच रही थी । छोटी सी चुलबुल गौरैया मेरे मन को लुभा रही थी ।।

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बेटी जन्म की बधाई

बेटी के महत्व को दर्शाती यह रचना। बेटी है अभिशाप नही, ईश्वर का रूप समाई I बिना जन्म, पहचान बताकर, फिर भी गर्भ से विदाई I बेटी होती क्यों परायी,

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       18-03-2022

अपनी माटी-अपना पूर्वांचल

गोरक्षनाथ की पावन धरती ऋषि मुनियों की शान रही है । देवरहा बाबा की कर्मस्थली पूर्वांचल की पहचान रही है ।।

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सुअर एक प्रेरणास्रोत

एक दिन सुबह में एक सुअर पर नज़र पड़ी तो आत्मसाक्षात्कार हुआ,और मुझे यह ज्ञान प्राप्ति हुआ कि बेचारा सुअर भोला-भाला मुखमंडल से सुशोभितमान सरकार के तमाम प्रयासों के

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       18-03-2022

बहुजन समाज पार्टी: फर्श से अर्श की ओर

पंजाब के एक छोटे से गांव से निकल कर राजनीति पार्टी का गठन करने वाले माननीय कांशीराम ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनके बाद उनके सपनों की आधारशिला पर गठित राष्ट्रीय राजनैतिक दल, बहुजन समाज पार्टी का हश्र...

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       18-03-2022

शिक्षा संस्कार सियासत और धर्म

धर्मो रक्षति रक्षितः अर्थात जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। महाभारत और मनुस्मृति का यह प्रेरक संस्कृत वाक्यांश‌ धर्म की रक्षा करने की प्रेरणा देता है। परन्तु वर्तमान समय में विभिन्न विचारधाराओं ने धर्म का वास्तविक अर्थ ही बदल कर...

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       18-03-2022

होली आई विहसा अंबर

प्रकृति हुई सुहानी । सात रंग से भीगी धरती ओढ़ी चूनर धानी ।। बसंती बयार बह रही

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होली की मस्ती

लगाओ रंग गुलाल संग प्यार, रिश्तों में लाए सदा ऐतबार, प्रेम का संदेश लेकर, झूमे गली और बस्ती,

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होली

होली आई विहसा अंबर प्रकृति हुई सुहानी । सात रंग से भीगी धरती ओढ़ी चूनर धानी ।।

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कर्मचारियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार देश हित में।

किसी भी देश के सरकार द्वारा लोक कल्याणकारी योजनाओं के संचालन, क्रियान्वयन का मुख्य जिम्मेदारी बिभिन्न प्रकार के श्रेणीगत कर्मचारियों का होता है। कर्मचारियों के बीच....

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       17-03-2022

जीवन के विविध रंग के दोहे

मन पुलकित, तन हर्षित हुआ, आए हैं ऋतुराज । दुल्हन सी धरती सजी, पिया मिलन की आस।। खुशबू फैली दिग-दिगंत में, बिखर गया परिमल चहुंओर। पुष्प की मनहर आभा से, हुई सुहानी भोर ।।

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       16-03-2022

कही अनकही बातें

कही अनकही बातें शराफ़त का मिसाल देता हूँ खैर तो है कि ज़वाब-ओ सवाल देता हूँ...

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नारी हूँ मैं कुछ भी कर सकती हूँ

ये रचना नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देगी । जो लोग महिलाओं को कमजोर समझते है उनके लिए समाज मे आईना दिखाने का काम करेगी ये रचना क्यों कि महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिये ।

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       15-03-2022

मुकम्मल

यह जग को मंजूर नहीं है ‌। सुख समृद्धि यश मिले सभी को दुनिया का दस्तूर नहीं है ।।

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गौरैया और कौआ की सच्ची कहानी

आज सुबह गौरैया और कौवा को ठंड से ठिठुरते देख उस घटना को भावना के माध्यम से एक कहानी का रूप देने का कोशिश किया हूँ.. बात 8 दिसंबर की सुबह की है। अभी रात का अंधेरा ठीक...

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