| ब्लॉग प्रेषक: | आर सी यादव |
| पद/पेशा: | |
| प्रेषण दिनांक: | 20-03-2022 |
| उम्र: | 48 |
| पता: | जौनपुर, उत्तर प्रदेश |
| मोबाइल नंबर: | 9818488852 |
गौरैया
।। गौरैया.....।।
आज सुबह मेरे आंगन में
फुदक फुदक कर नाच रही थी ।
छोटी सी चुलबुल गौरैया
मेरे मन को लुभा रही थी ।।
कभी बैठ घर के मुंडेर पर
मेरे मन को हर्षाती है ।
उछलकूद करती जमीन पर
दाना चुग कर उड़ जाती है ।।
ऋतु बसंत के आ जाने से
रोम रोम खिल जाती चिड़िया ।
चीं-चीं, चीं-चीं , चूं-चूं, चूं-चूं
घर आंगन मंडराती चिड़िया ।।
बाल्यकाल में कौतूहल बस
गौरैया को देखा करते ।
इसकी सुंदर सी कलाकृति को
देख देख अचंभित होते ।।
बाग-बगीचे खलिहानों से
तिनका-तिनका चुनकर लाती ।
घर के बाड़े- अहाते में
सुन्दर सा घोंसला बनाती ।।
अब शहरों के बड़े घरों में
आंगन- बाड़े का लोप हो गया ।
कल-कारखानों के कोलाहल में
गौरैया का अस्तित्व मिट गया ।।
अपनी खुशियों की तृष्णा में
मानव शहरों को बसा दिया ।
जल-जंगल-जमीन नष्ट कर
नन्हें जीवों का नाश कर दिया ।।
प्रकृति के ऐसे दोहन से
कभी न मानव को सुख होगा ।
नन्हीं प्यारी गौरैया का
संरक्षण करना ही होगा ।।
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