| ब्लॉग प्रेषक: | नन्दलाल मणि त्रिपाठी |
| पद/पेशा: | सेवा निवृत्त प्रचार्य |
| प्रेषण दिनांक: | 29-12-2023 |
| उम्र: | 62 वर्ष |
| पता: | C-159 Divya Nager Colony Post-Khorabaar Gorakhpur-273010 utter pradeshNear shree hospital |
| मोबाइल नंबर: | 09889621993 |
नववर्ष 2024 भरतीय परिपेक्ष्य में।
नव वर्ष 2024 भारतीय परिपेक्ष्य में----
नव वर्ष 2024 भारतीय परिपेक्ष्य में बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है ।भारतीय नव वर्ष का शुभारम्भ नव संवत्सर 2081 अप्रैल माह में वासन्तिक नवरात्र के प्रथम दिवस से होगा तब तक भारत के अगले पांच वर्षों के भविष्य निर्धारण कि प्रक्रिया आधी पूर्ण हो चुकी होगी इसी कारण ईस्वी सन 2024 का शुभारम्भ एव इसके पल प्रहर भारतीय उपमहाद्वीप के लिये बहुत महत्वपूर्ण होने वाले है ।
वर्ष 2024 का शुभारंभ सप्ताह के प्रथम दिन सोमवार को हो रहा है दिनांक 31दिसम्बर-2023 को 11.56 मिनट पूर्वान्ह से 2.28 मिनट अपरान्ह तक कृष्ण पक्ष पंचमी 2.28 मिनट अपरान्ह से कृष्ण पक्ष षष्टी ईस्वी सन 2024 के प्रथम दिन अपरान्ह 2.05 मिनट तक रहेगा मघा नक्षत्र 31 जनवरी 2023 को प्रातः 5.42 मिनट से सुबह 8.36 मिनट तक रहेगा 31 जनवरी -23 के 8.36 मिनट से नव वर्ष के प्रथम दिन के शुभारम्भ 2.11मिनट तक पूर्वी फाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा अंसुमान योग रहेगा यह ईस्वी सन 2024 के शुभारंभ के भारतीय परंपरागत गणना के अनुसार पंचांग होगा जिसका प्रभाव कैसा होगा यह विषय विधिवत गणना का विषय है।
सोमवार सनातन में भगवान शिव कि आराधना का दिन विशेष भगवन शिव महाकाल और जगत में सभी प्राणियों में पूज्य है नर बानर भूत पिचास बेताल शेर सृगाल कामी क्रोधी लोभी सभी शिव गणों में सम्मिलित है शिव बहुत शीघ्र प्रशन्न होने वाले देवो में माने जाते है इसीलिए उन्हें भोले शंकर भी कहा जाता है।
निश्चित रूप से नया ईस्वी सन भारतीय परिपेक्ष्य में शुभ अशुभ योग एव फलों को देने वाला है।
1-राजनीतिक स्थिति
सबसे पहले भारतीय राजनीतिक स्थिति पर ही गणना प्रस्तुत करते है जो सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली है भारत को नवम्बर -2023 में सम्पन्न हुये पांच राज्यो के चुनावों से मजबूत केंद्रीय सत्ता आल्लादित है जिसके द्वारा लोकतांत्रिक युद्ध मे लड़ाई के छोटे से छोटे बड़े से बड़े समीकरण साधे जाते है और हर चुनाव को अपनी अंतिम लड़ाई मानकर पूरे जोश खरोस के साथ चुनाव लड़ती है।
राम मंदिर भारतीय बहुसंख्यक जन कि आस्था का केंद्र है जिनका भव्य मंदिर बनकर तैयार हो चुका है और आम संसदीय चुनावों से पूर्व भगवान राम की प्राणप्रतिष्ठा के साथ मंदिर भरतीय जन मानस कि आस्था का प्रवाह बन चुका होगा ।
भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री जी कि लोकप्रियता भी राष्ट्रीय एव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी नेता से सर्वाधिक है यह वर्तमान में परिलक्षित है जो आंकड़ों की दृष्टि से स्प्ष्ट करता है कि 2024 में केंद्रीय सत्ता में स्थापित शक्ति को कोई विशेष चुनौती 2024 के आम चुनावों में नही मिलने जा रही है ।
नव वर्ष का शुभारम्भ भी शिव के विशेष दिन सोमवार से हो रहा है प्रधान मंत्री जी द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम गुजरात सोम नाथ के प्रदेश के मूल निवासी है एव ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान विश्वेश्वर के वाराणसी से सांसद है मैंने जब भी भारतीय राजनीति में मोदी जी को केंद्र बिंदु बनाकर गणना कि कभी भी काशी से वह देश के प्रधानमंत्री नही बनते दिखे सिर्फ सांसद तक ही सीमित रहे फिर कौन सी प्रमुख बाते है जो उन्हें प्रधानमंत्री एव शिखर पुरुष स्थापित करती है तो मेरी गणना स्प्ष्ट कहती है कि काशी केंद्र है और काशी प्रान्त प्रधान मंत्री कि आभा है जिसके कारण वह उस कथन के पर्याय बने हुये है कि अंधेरा छटेगा सूरज निकलेगा कमल खिलेगा वर्तमान में विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल का सर्वेसर्वा होने का गौरव देता है।
अब मैं 2024 के चुनावों के परिपेक्ष्य में अपनी गणना स्प्ष्ट कर दूं मैं किसी भी महत्वपूर्ण गणना को दो तीन वर्षों में पूर्ण करता हूँ 2024 के लिए मैंने चार हज़ार बार लगभग गणनाएं कि है जिसमे सम्भावना कि गुंजाइश ही नही है 2024 के भारत मे होने वाले आम संसदीय चुनाव कई मिथकों को तोड़ने वाले साबित होंगे जो आश्चर्यजनक भी हो सकते है ।
मैं मोदी जी से कभी नही मिला ना ही कभी कोशिश किया मेरा स्प्ष्ट मत है कि (आवत हिय हर्षहि नही नैन नही सनेह तुलसी तहां ना जाईये कंचन वर्षहि मेह) जब तक कही सम्मान पूर्वक मुझे नही बुलाया जाता मैं नही जाता ऐसे कई अवसर आए कि हम भी भीड़ का हिस्सा किस्सा बनकर किसी बड़े चेहरे को अपने किसी भाव भंगिमा कार्य से प्रभावीत करू लेकिन मेरी आत्मा ने सदा ही ऐसा करने से मुझे धिक्कारा सम्मान समान स्तर का व्यक्ति देता है या आप जब किसी मतलब या उपयोग के होंगे तो सम्मानित होंगे ।
ना ही मैं किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा या प्रभावित हूँ मैं निष्पक्ष निरपेक्ष और सत्य निष्ठ हूँ मेरे विषय मे लोग जानते है मैं ईश्वर कि प्रतीक्षा स्वंय के लिये नही करता हां किसी के लिए मैं कतार भीड़ में खड़ा होकर अपमानित भी हो जाता हूँ ।
मैं मोदी जी के विषय मे जो भी जानता हूँ अपने ज्ञान के कारण और मीडिया के द्वारा बताए गए जानकारियों के कारण टेलीविजन अखबार आदि से जिस पर सामान्य व्यक्ति कि तरह ही मेरी सोच है हां मेरा लगाव राष्ट्र से अवश्य है अतः मैं चाहूंगा कि जनकल्याणकारी नेतृत्व भारत मे फले फुले मेरे चाहने का प्रभाव भी पड़ेगा मेरा ना तो कोई स्वार्थ है ना ही कोई चाहत सरकार से सिवा राष्ट्र के कल्याण के यदि राष्ट्र का कल्याण होगा तो राष्ट्र का एक सौ पचासवाँ करोड़ हिस्सा होने के कारण हमें खुशी होगी अपनी गणना से पूर्व स्प्ष्ट करना आवश्यक था ।
मेरी सभी चार हज़ार गणनाएं वर्तमान सरकार के लिए 2024 का चुनाव लिटमस टेस्ट स्वीकार करती है 2024 के आम संसदीय चुनाव जीतना साधारण आसान दिख रहे है उतना आसान है नही बहुत चुनौतियां पेश आने वाली है जिससे रूबरू होना होगा 2024 में चुनाव जीतने का मतलब मेरी गणना बताती है 2029 निष्कंटक अतः 2024 का चुनाव शासक दल के लिए लोहे के चने चबाने जैसा होने वाला है परिवर्तन नही दिखता परिवर्तन असम्भव है और पुनः गणना का परिणाम यही है अंधेरा छंटेगा कमल खिलेगा अंततः अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदर भगवतम भाव धन्य राधे राधितम यही परिणाम होगा सीटे कम हो सकती है बहुमत से इंकार नही है बहुमत मिलेगा लेकिन संसय के बादल है।
2-मौसम- 2024 में अपेक्षाकृत 2023 वर्षा कि कम सम्भावना मेरी गणना का परिणाम है सूखा का दायरा बढ़ सकता है ।तूफान बाढ़ एव भूकम्प कि मामूली सम्भावना बनती है जो हानिकारक होगी ।
3-कृषि - कृषि क्षेत्र में भारत अच्छी उपलब्धि हासिल करेगा 2024 में दुग्ध एव मत्स्य आदि कृषि उत्पादों में बृद्धि होगी दलहन तिलहन एव फल सब्जियों आदि के उत्पादन में अच्छी खासी उपलब्धि हो सकती है ।
4-उग्रवाद-- शांत दिखते हालात आंतरिक हलचल के संकेत है जो कभी भी खतरनाक रूप ले सकते है चाहे नक्सल हो या इस्लामिक या अलगाववादी पंजाब में अधिक सतर्कता कि आवश्यकता होगी ।
5-संक्रमण-- मेरी गणना वैश्विक स्तर एव भारत मे किसी भयानक संक्रमण को नही बताती जबकि कोरोना के जे एन 1 वैरिएंट कि खबरे नित्य आ रही है
6-आर्थिक -- भारत का सकल घरेलू उत्पाद सात प्रतिशत से आठ प्रतिशत के मध्य रहेगा आयात निर्यात के मध्य असंतुलन में बहुत कमी आएगी और आर्थिक स्तर पर भारत बेहतर स्थिति में होगा उद्योग के क्षेत्र में सकारात्मक प्रगति होने की प्रबल सम्भावना है।
7 - पड़ोसी रिश्ते--भारत कि सिमाए अशांत रहेंगी इसकी संभावना भी मेरी गणना बताती है नव वर्ष में पड़ोसी राज्यों से चुनौतियों को पेश किया जा सकता है पुनः पाकिस्तान समस्या खड़ी कर सकता है चीन से सावधानी सतर्कता बहुत आवश्यक होगी।
उपरोक्त गणनाएं मैंने पूरी ईमानदारी निष्पक्षता एव बिना किसी भय भाव से प्रभावित होकर वैज्ञानिक एव परंपरागत तथा उपलध सभी विधियों से की है परिणाम भी वही होंगे जिसे मैंने गणना के माध्यम से दर्शया है।।
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीतांबर
गोरखपुर उत्तर प्रदेश।।
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