| ब्लॉग प्रेषक: | हरजीत सिंह मेहरा |
| पद/पेशा: | ऑटो चालक.. |
| प्रेषण दिनांक: | 06-12-2022 |
| उम्र: | 53 वर्ष |
| पता: | मकान नंबर 179ज्योति मॉडल स्कूल वाली गलीगगन कॉलोनी,भट्टियां बेट,लुधियाना,पंजाब (भारत)।पिन कोड नंबर 141 008. |
| मोबाइल नंबर: | 8528996698. |
बिंदिया..🌹
मेहताब से चमकते रुख़ पे..
ऑफ्फ.!दमकती नन्हीं सी बिंदिया..
ज़लज़ला जगा जाती है त़कव्वुर में..
अंखियों से चुरा जाती है निंदिया.!
नयनों के बीच इठलाती है बिंदिया..
छेड़ जाती है.. हजारों तरन्नुम,
त़ल्खी मिटा जाती है जिग़र की..
लबों पर छोड़ जाती है तबस्सुम.!
स़मीर के हलके झोंकों से जब..
तेरी लट्टों में ये..उलझ जाती है,
बादलों में जैसे चांद निकला हो..
यूं नजारों में .. नजर आती है.!
तेरी ललाट के बलों में ये जब..
इतराती..लहराती..बलखाती है,,
टुकड़े-टुकड़े हो जाते हैं दिल के..
नफास़त की हद..ढल जाती है.!
परिभाषित ना कर पाएंगे लफ्ज़ों में,
बिंदिया पे हसीनाओं का दिल निसार है,
उनकी नफास़त भरी चारुता तो,
बिंन बिंदिया के ... बे ज़ार है.!
इख्तिंयार-ए-तरन्नुम होती है जब,
नाम... आशिक़ के ये लगती है..
बे-इख्तिंयार बन जाती है जब,
नाम ... शौहर के ये सजती है.!!
बड़ी नफि़स है यह बिंदिया..
रंग इश्क़ के चढ़ा जाती है.!
दिल में बसे अरमानों को..
चेहरे पे ... दिखा जाती है.!!
🌹🌹🌹❤🔥🌹🌹🌹
स्वरचित@-
हरजीत सिंह मेहरा
लुधियाना,पंजाब(भारत)।
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शब्दार्थ:::
मेहताब-चांद।
त़कव्वुर-ख्या़ल।
तरन्नुम-अत्यंत मधुर स्वर।
तल्खी़-कड़वाहट कटुता।
तबस्सुम-मधुर मुस्कान।
नफास़त-कोमलता,सुंदरता।
बे ज़ार-बेकार।
इख्ति़यार-ए-तरन्नुम--मधुर गीत।
बे-इख्ति़यार-- बेमिसाल।
नफी़स- सुंदर,निर्मल।
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