| ब्लॉग प्रेषक: | SHAMA PARVEEN |
| पद/पेशा: | लेखिका |
| प्रेषण दिनांक: | 05-12-2022 |
| उम्र: | ** |
| पता: | BAHRAICH |
| मोबाइल नंबर: | **** |
बाल कहानी- टीना और तोता
बाल कहानी- टीना और तोता
-------------------
टीना अपने पापा के साथ मार्केट गयी थी। वहीं पर उसे पिंजड़े में कैद तोता दिखायी दिया। टीना ने पापा से कहकर तोता पिंजड़े के साथ ले लिया और घर ले आयी। घर लाकर टीना तोते के साथ ही खेलने-कूदने लगी। तोता भी टीना के साथ खूब हिल-मिल गया। टीना तोता को मन-पसंद चीजें खिलाती थी और खूब ढ़ेरों बातें भी करती।
जब टीना स्कूल चली जाती तो तोता टीना का इन्तजार करता। जैसे ही टीना पिंजड़े के पास आती तो तोता बहुत खुश होता।
काफी दिन बीत जाने के बाद टीना ने सोचा- तोता घुल-मिल गया है, दूर नहीं जायेगा। अब उसे पिंजड़े से बाहर निकाल दूँ और उससे बातें करूँ। उसे मन-पसंद खाना खिलाऊँ। यही सोचकर टीना ने तोता को पिंजड़े से बाहर निकाल दिया। कुछ देर में टीना खेलने में व्यस्त हो गयी और तोता मौका देखकर उड़ गया। टीना को बहुत दु:ख हुआ। उसने खाना-पीना छोड़ दिया। वह तोता के वियोग मे रोने लगी। टीना के अभिभावक ने समझाया कि-,"तोता अपने घर चला गया है। जैसे ये तुम्हारा घर.. हम तुम्हारे अम्मी-पापा हैं, अगर तुम हमसे जुदा हो जाओ तो आने के लिये प्रयास करोगी। ठीक इसी तरह हो सकता है तोता भी अपने घर गया हो। तुम्हें खुश होना चाहिए कि तोता अपने घर गया है वह एक दिन जरुर आयेगा।"
टीना को अभिभावक की बात समझ में आ गयी। टीना ने आँसू पोंछा और मुँह धोया, फिर खाना खाया। वह हर रोज़ तोता का इन्तजार करने लगी।
एक दिन टीना खुशी से नाचने लगी और तोता को देखकर उसे गोद में लेकर अपने अभिभावक के पास जाकर कहने लगी-,"ये देखो, अम्मी, पापा! तोता आ गया।"
तोता भी सब से मिलकर खुश हुआ। उसने खूब मजे से टीना के द्वारा दिया हुआ भोजन खाया।
फिर टीना के साथ खेलने लगा।
कुछ देर बाद टीना की अम्मी ने कहा-,"टीना बेटा! अब तोता को पिंजड़े में बन्द कर दो।"
टीना ने कहा-,"नहीं अम्मी! अब हम तोता को पिंजड़े में बन्द नहीं करेंगे, वरना वह अपने घर नहीं जा पायेगा। अब हम समझ गये हैं कि तोता को अपने परिवार के पास रहना ज्यादा जरुरी है। जैसे हम आप दोनों के बिना नहीं रह सकते वैसे तोता भी कैसे अपने परिवार से दूर रह पायेगा।"
तोता का मन होगा, तब तक यहाँ रहे फिर उसे इजाजत है वह अपने घर जा सकता है।"
कुछ देर बाद तोता फिर आसमान में उड़ गया। इस बार टीना ने खुशी-खुशी तोता को अलविदा कहा। फिर उसके बाद टीना ने अपना बस्ता उठाया और स्कूल से मिला हुआ होम वर्क किया।
शिक्षा
पशु-पक्षियों की भी अपनी दुनिया होती है। हमें उन्हें बंधक बनाने का कोई हक नहीं है।
शमा परवीन
बहराइच (उ० प्र०)
श्रेणी:
— आपको यह ब्लॉग पोस्ट भी प्रेरक लग सकता है।
नए ब्लॉग पोस्ट
18-08-2026
स्पेशल 2029
अरे ई कौनो नई बात थोड़े है। गाँव-देहात से लेके फेसबुकिया शहर तक, हर जगहा अक्षय कुमार रूपी ठग अपना जाल बिछाए बैठा है। तनी सुनो। कुछ साल पहिले एक सिनेमा आया था, स्पेशल 26। उड़ी बाबा, का गजब का सिनेमा था। एक तो ठगों का गिरोह, ऊपर से धरम-करम ऐसा कि असली सीबीआई
Read More15-08-2026
मैं आजाद हूं।
मैं आजाद हूँ । गाँव के पूरब टोले में पीपल का पुराना ठूंठ आज फिर बहस की वेदी बना हुआ था। सिरकाही धूप में मधेसर चा अपनी पुरानी लाठी पर दोनों हाथ टिकाए, खंखारते हुए बोले, अरे भइया, हम तो कहते हैं कि देस में अजादी का बयार बह रहा है। अब देखो न, हमारे ज़माने
Read More11-08-2026
नियंत्रण : सृष्टि के संतुलन का अदृश्य सूत्र
नियंत्रण, सृष्टि संतुलन का मूल रहस्य है। जैसे-जैसे कलयुग गहराएगा इंसानियत, मानवता इतना अनियंत्रित हो जाएगा कि उस पर नियंत्रण हेतु सुपर क्वांटम युक्त कृत्रिम बुद्धिमता प्रणाली के मशीन ही एकमात्र उपाय है।
Read More25-07-2026
आइए न हमरा बिहार में।
धरना नहीं, महामेला! सड़क किनारे का वह मैदान आज केवल धूल-धक्कड़ का ढेर नहीं था, उसमें लोकतंत्र की सुराही छलक रही थी। चारों तरफ गोंदली के पत्तों जैसी चंचल भीड़। यह कोई गुस्सा या विरोध का अखाड़ा नहीं था, ई तो गाँव-जवार का महापरब था। दिल्ली-पंजाब वाले जिसे
Read More17-07-2026
धर्म क्या है ?
आस्था है ब्रह्मांड का अस्तित्व है धर्म जन्म के जीवन की दिशा दृष्टिकोण निर्धारण करने का मार्ग है या जन्म जीवन के सत्यार्थ बोध का सत्य है। धर्म ईश्वरीय सत्य का विज्ञान है या आचरण एव संस्कार निर्माण का पथ सिद्धांत है। सर्व प्रथम यह जानना आवश्यक है कि धर्म..
Read More