| ब्लॉग प्रेषक: | हरजीत सिंह मेहरा। |
| पद/पेशा: | ऑटो चालक.. |
| प्रेषण दिनांक: | 30-10-2022 |
| उम्र: | 53 वर्ष |
| पता: | मकान नंबर -179,ज्योति मॉडल स्कूल वाली गली,गगनदीप कॉलोनी,भट्टियां बेट,लुधियाना,पंजाब,भारत।पिन नंबर-141008. |
| मोबाइल नंबर: | 8528996698. |
❤️ चाहतों की डोली..❤️
पावन मंच को नमन।।
मां शारदे नमो नमः।।
मैंने सजाए थे जो,अरमान दुल्हन की तरह,
वो देखो जा रही है,मेरी चाहतों की डोली,
खाए कसमें-वादे,प्यार वफ़ा के मुझ संग,
अब बांह पकड़..किसी और की हो ली!
ख़ता उसकी नहीं..वो तो नादान है,
शायद मेरी वफाएं ही उसके काबिल ना थीं,
नाज़ था मुझे,अपनी मोहब्बत पे इतना..
शायद मेरी मोहब्बत,अहल-ए- दिल न थी!
डूबा था इतना मैं,दरिया-ए-इश्क में उसके,
उसकी मजबूरियों को समझ ना पाया..
उसकी मुस्कुराहट में छिपे ग़म को ना जाना,
उसके दर्द-ए-दिल का,मरहम ना बन पाया!!
हंसते हुए अपने गम को छुपाया उसने,
और मैं समझा..ये प्यार की इंतहा थी...
उस मुस्कुराहट के पीछे..आंसू भी हैं,
इस दर्द भरी दासतां कि मुझे,ख़बर न थी!
कई बार समझाया,इशारों से उसने..
पर मैं नासमझ,उसे कभी ताड़ ही ना पाया,
पागल था..पागलपन के जुनून में..
उसके दिल के तारों को,छेड़ ही ना पाया!
होश तो तब आया..जब,सब लुट गया..,
होंठों तक आते-आते..जब जाम टूट गया,
वो देखो..रकीब मुझे मात दे गया..,
मेरे गुलशन की कली को,वो लूट ले गया.!!
काश.!अगर वक्त रहते पढ़ लेता उसकी,
खामोशी भरी...सिसकियों की वजह,
तो आज कहर बन के,ना गिरती बिजलियां,
ना मिलतीं ऐसी...जुदाईयों की स़जा।
कर लेता... स़जदे, दे लेता... दुहाईयां,
मांग लेता उसे...रब की चौखट से...
इश्क के दरिया में.. गमों से जूझ लेता,
छींन लाता उसे... सारी कायनात से।
थम रही है नब्ज़,निकल रही रूह जिस्मसे,
बिखर रही है मेरी.. सपनों की रंगोली,
लाचार हूं..पस्त हूं..बेबस हूं मैं कितना,
वह देखो जा रही है,मेरी चाहतों की डोली!!!
❤🔥❤🔥❤🔥❤🔥❤🔥
स्वरचित@-
हरजीत सिंह मेहरा,
लुधियाना,पंजाब,भारत।
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