| ब्लॉग प्रेषक: | शमा परवीन |
| पद/पेशा: | लेखिका |
| प्रेषण दिनांक: | 27-10-2022 |
| उम्र: | ** |
| पता: | बहराइच, उत्तर प्रदेश |
| मोबाइल नंबर: | ********** |
बाल कहानी- पूजा और राधा
बाल कहानी- पूजा और राधा
बात उन दिनों की है, जब गाँव में मेला लगा था। मेले में तरह-तरह की दुकानें सजी थी। कई प्रकार के झूले मेले की शोभा बढ़ा रहे थे। मिठाईयों की दुकानें भी लगी थी। राधा अपने बड़े भाई राकेश के साथ मेला देखने गयी थी। राधा को झूला झूलना बहुत पसंद था। राधा ने मन-पसंद झूला झूला और बहुत सारे खिलौने खरीदे।
उसी मेले मे एक बच्ची अपनी अम्मी के साथ चुपचाप मेले में घूम रही थी उसका नाम पूजा था। पूजा के हाथ में कोई खिलौना नहीं था। राधा के पास बहुत सारे खिलौने देखकर पूजा अपनी अम्मी से खिलौने लेने की जिद करने लगी।
पूजा की अम्मी ने प्यार से समझाते हुए कहा-,"बिटिया! तुम्हारे पापा शहर गये हैं किसी जरूरी काम से, जैसे ही आ जायेगें, बहुत सारे खिलौने लिवा लेना और हाँ, बिटिया! तुमने तो वादा किया था कि अम्मी मेले में घूमने चलिए, हम किसी चीज़ के लिये कोई जिद नहीं करेंगे, इसलिए हम तुम्हें मेला दिखाने आये है, अब तुम खिलौने लेने की जिद कर रही हो, तुम अपना वादा कैसे भूल गयी?"
पूजा को अम्मी से किया हुआ वादा याद आया। पूजा ने बिना देरी किये तुरंत अम्मी से माफ़ी माँगी और चुपचाप आखों में आँसू लिए राधा के खिलौने देखने लगी।
रात काफी हो गयी थी। राधा ने भाई राकेश से कहा-,"भाई! अब घर चलिए। सुबह स्कूल भी समय से जाना है।"
राकेश और राधा घर जाने लगे। रास्ते में पूजा और उसकी अम्मी फिर मिल गयी। इस बार राधा ने पूजा को कुछ खिलौने उपहार स्वरूप दे दिये। खिलौने पाकर पूजा बहुत खुश हुई। पूजा को खुशी देकर राधा भी बहुत खुश हुई।
शिक्षा
हमें किसी को रोते या परेशान देखकर, कारण जानकर उसकी मदद जरुर करनी चाहिए।
शमा परवीन,
बहराइच (उ०प्र०)
श्रेणी:
— आपको यह ब्लॉग पोस्ट भी प्रेरक लग सकता है।
नए ब्लॉग पोस्ट
18-08-2026
स्पेशल 2029
अरे ई कौनो नई बात थोड़े है। गाँव-देहात से लेके फेसबुकिया शहर तक, हर जगहा अक्षय कुमार रूपी ठग अपना जाल बिछाए बैठा है। तनी सुनो। कुछ साल पहिले एक सिनेमा आया था, स्पेशल 26। उड़ी बाबा, का गजब का सिनेमा था। एक तो ठगों का गिरोह, ऊपर से धरम-करम ऐसा कि असली सीबीआई
Read More15-08-2026
मैं आजाद हूं।
मैं आजाद हूँ । गाँव के पूरब टोले में पीपल का पुराना ठूंठ आज फिर बहस की वेदी बना हुआ था। सिरकाही धूप में मधेसर चा अपनी पुरानी लाठी पर दोनों हाथ टिकाए, खंखारते हुए बोले, अरे भइया, हम तो कहते हैं कि देस में अजादी का बयार बह रहा है। अब देखो न, हमारे ज़माने
Read More11-08-2026
नियंत्रण : सृष्टि के संतुलन का अदृश्य सूत्र
नियंत्रण, सृष्टि संतुलन का मूल रहस्य है। जैसे-जैसे कलयुग गहराएगा इंसानियत, मानवता इतना अनियंत्रित हो जाएगा कि उस पर नियंत्रण हेतु सुपर क्वांटम युक्त कृत्रिम बुद्धिमता प्रणाली के मशीन ही एकमात्र उपाय है।
Read More25-07-2026
आइए न हमरा बिहार में।
धरना नहीं, महामेला! सड़क किनारे का वह मैदान आज केवल धूल-धक्कड़ का ढेर नहीं था, उसमें लोकतंत्र की सुराही छलक रही थी। चारों तरफ गोंदली के पत्तों जैसी चंचल भीड़। यह कोई गुस्सा या विरोध का अखाड़ा नहीं था, ई तो गाँव-जवार का महापरब था। दिल्ली-पंजाब वाले जिसे
Read More17-07-2026
धर्म क्या है ?
आस्था है ब्रह्मांड का अस्तित्व है धर्म जन्म के जीवन की दिशा दृष्टिकोण निर्धारण करने का मार्ग है या जन्म जीवन के सत्यार्थ बोध का सत्य है। धर्म ईश्वरीय सत्य का विज्ञान है या आचरण एव संस्कार निर्माण का पथ सिद्धांत है। सर्व प्रथम यह जानना आवश्यक है कि धर्म..
Read More