| ब्लॉग प्रेषक: | अमृता कुमारी विश्वकर्मा |
| पद/पेशा: | साहित्यकार |
| प्रेषण दिनांक: | 22-10-2022 |
| उम्र: | 24 |
| पता: | सिलाव, नालंदा, बिहार |
| मोबाइल नंबर: | *********** |
लड़कों की बराबरी
प्रायः हमने कुछ लोगों को कहते हुए सुना है कि लड़का लड़की बराबर हैं वहीं कुछ लोग कहते हैं कि लड़कियाँ लड़कों की बराबरी कभी नहीं कर सकती |मुझे लगता है वो सही कहते हैं वो बराबरी करना नहीं चाहती | जहाँ तक मैं समझती हूँ तो वो किसी भी लड़के का पिछा कॉलेज से घर तक नहीं करेंगी |उन्हें रास्ते मैं परेशान नहीं करेंगी |लड़कों से बात करने के लिए उनका मोबाइल no. निकाल कर के उन्हें परेशान नहीं करेंगी और अगर उसने बात करने से मना किया तो उसका no. अपने सहेलियों को नहीं देंगी और इससे भी मन नहीं भरता तो बस की सीटों और शौचालय की दीवारों पर no. नहीं लिखती |
लड़कों का बलात्कार नहीं करेंगी एक लड़के को बुला कर ना जाने कितने लड़कियों से उनका शोषण नहीं करवायेगी | उनसे ये नहीं कहेगी कि यदि तुम मिलने नहीं आओगे तो मैं तुम्हारे घर आ जाऊंगा या तुम्हारे तस्वीरें इंटरनेट पे डालूँगी | और ना ही उनके साथ मारपीट कर उनके साथ सम्बन्ध बनाएगी | ये नहीं कहेंगी कि तुम उससे मिले तो मुझसे भी मिलो | अपने रिश्ते के बारे में अपने सहेलियों से चर्चा नहीं करती | ये नहीं कहती कि मैंने तुम्हारी इतनी मदद की और तुम मेरे लिए इतना भी नहीं कर सकते | प्रस्ताव ना स्वीकार किये तो वो एसिड अटैक नहीं करेंगी |
और स्वीकार कर लेने पर ये नहीं कहेंगी कि प्यार करते हो तो कपड़े उतारो शादी हो जाने के बाद ये नहीं कहती कि मैं तुम्हारे खर्चे उठाती हूँ और तुम मेरे लिए इतना भी नहीं कर सकती या दहेज़ के लिए वो अपने पति को शारीरिक या मानसिक रूप से उन्हें प्रताड़ित करेंगी और तब भी दहेज़ ना मिले तो उन्हें जिन्दा नहीं जलाएंगी बल्कि ज़ब उन्हें आर्थिक तंगी होगी तो वो भी उनके साथ काम करेंगी |
लड़कियाँ ये सब कर सकती हैं लेकिन वो करना नहीं चाहती | वो जानती है कि इस तरह से प्रताड़ित करने पर कैसा लगता है |कुछ लड़कियाँ इसे चुपचाप सहन करती है तो कुछ आत्महत्या कर लेतीं हैं | जबकि ये सब तो उन्हें करना चाहिए जो इस तरह का व्यवहार करते हैं जो एसिड अटैक करते हैं उन्हें मुँह छिपाना चाहिए जो लड़कियों के साथ जबरदस्ती करते उन्हें मारते हैं उन्हें जलाते हैं
श्रेणी:
— आपको यह ब्लॉग पोस्ट भी प्रेरक लग सकता है।
नए ब्लॉग पोस्ट
18-08-2026
स्पेशल 2029
अरे ई कौनो नई बात थोड़े है। गाँव-देहात से लेके फेसबुकिया शहर तक, हर जगहा अक्षय कुमार रूपी ठग अपना जाल बिछाए बैठा है। तनी सुनो। कुछ साल पहिले एक सिनेमा आया था, स्पेशल 26। उड़ी बाबा, का गजब का सिनेमा था। एक तो ठगों का गिरोह, ऊपर से धरम-करम ऐसा कि असली सीबीआई
Read More15-08-2026
मैं आजाद हूं।
मैं आजाद हूँ । गाँव के पूरब टोले में पीपल का पुराना ठूंठ आज फिर बहस की वेदी बना हुआ था। सिरकाही धूप में मधेसर चा अपनी पुरानी लाठी पर दोनों हाथ टिकाए, खंखारते हुए बोले, अरे भइया, हम तो कहते हैं कि देस में अजादी का बयार बह रहा है। अब देखो न, हमारे ज़माने
Read More11-08-2026
नियंत्रण : सृष्टि के संतुलन का अदृश्य सूत्र
नियंत्रण, सृष्टि संतुलन का मूल रहस्य है। जैसे-जैसे कलयुग गहराएगा इंसानियत, मानवता इतना अनियंत्रित हो जाएगा कि उस पर नियंत्रण हेतु सुपर क्वांटम युक्त कृत्रिम बुद्धिमता प्रणाली के मशीन ही एकमात्र उपाय है।
Read More25-07-2026
आइए न हमरा बिहार में।
धरना नहीं, महामेला! सड़क किनारे का वह मैदान आज केवल धूल-धक्कड़ का ढेर नहीं था, उसमें लोकतंत्र की सुराही छलक रही थी। चारों तरफ गोंदली के पत्तों जैसी चंचल भीड़। यह कोई गुस्सा या विरोध का अखाड़ा नहीं था, ई तो गाँव-जवार का महापरब था। दिल्ली-पंजाब वाले जिसे
Read More17-07-2026
धर्म क्या है ?
आस्था है ब्रह्मांड का अस्तित्व है धर्म जन्म के जीवन की दिशा दृष्टिकोण निर्धारण करने का मार्ग है या जन्म जीवन के सत्यार्थ बोध का सत्य है। धर्म ईश्वरीय सत्य का विज्ञान है या आचरण एव संस्कार निर्माण का पथ सिद्धांत है। सर्व प्रथम यह जानना आवश्यक है कि धर्म..
Read More