| ब्लॉग प्रेषक: | सुधीर श्रीवास्तव |
| पद/पेशा: | निजी कार्य |
| प्रेषण दिनांक: | 05-08-2022 |
| उम्र: | 53 |
| पता: | गोण्डा उत्तर प्रदेश |
| मोबाइल नंबर: | 8118285921 |
सहयोग सद्भाव से तलाक
सहयोग सद्भाव से तलाक
*********************
चलो मान लिया कि
आप बड़े संवेदनशील हैं
भोले भाले मिलनसार है
सबसे सहयोग का विचार रखते हैं।
आपकी देखा देखी
मुझे भी ये बीमारी लग गई,
सुख चैन मेरा छीन ले गई।
जाने कैसे आप झेल लेते हैं
ईर्ष्या, द्वेष तो सह कर भी
प्रसन्नचित रहते हैं,
गालियाँ खाकर भी धूल की तरह
छोड़कर आगे ही बढ़ रहे हैं,
आपके पीछे पीछे हम भी चल रहे हैं।
मगर अब पानी सिर से ऊपर
रोज रोज बह रहा है,
सहयोग, सद्भावना की
मेरी अपनी ही आदत से
मेरा जीवन दुष्कर हो रहा है।
अपना सब कुछ बिखर रहा है
मगर लोगों का नाक भौं सिकुड़ रहा है,
जैसे मैं उनका नौकर हो गया हूँ
सहयोग, सद्भाव बस करना
जैसे मेरे पास काम रह गया है।
लोग अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं
थोड़ी सी सफलता से बड़ा फूल रहे हैं,
धरा पर सबसे बुद्धिमान बन रहे हैं,
हमीं ने सिखाया पढ़ाया
आगे बढ़ने का मार्ग दिखाया
आज हमें की आँखें दिखा रहे हैं।
अब ये सब मुझसे सहन नहीं होता
कोई आगे बढ़े या चूल्हे भाड़ में जाये
मेरी अपनी बला से।
अब से आज से मैं सन्यास ले रहा हूँ
सहयोग, सद्भाव से तलाक ले रहा हूँ
स्वार्थी दुनिया को पैगाम दे रहा हूँ।
सिर्फ अपने हित के लिए अब
मैं सारे काम करुँगा,
जिसे भी अपना कहता रहा
जो कभी अपने थे ही नहीं
न रिश्ता, न संबंध रहा कभी।
मेरे प्यारे कथित शुभचिंतकों!
अब खुद की राह सँवारो तुम सब
क्योंकि अब मैं अपनी राह जा रहा हूँ,
अपना अंकुश भी साथ ले जा रहा हूँ
तुम सबको आजाद कर रहा हूँ।
तुम आगे बढ़ोगे या नहीं
बढ़ भी पाओगे या नहीं
बढ़ना चाहोगे भी या नहीं
ईमानदारी और समयबद्ध प्रयास
करोगे भी या नहीं,
खुद को गुमराह होने से
बचा पाओगे या नहीं,
अपनी ऐसी सोच ही नहीं
चिंता को भी विराम दे रहा हूँ,
आप सबको सहयोग करने की
सौगंध से आज से मुक्त हो रहा हूँ,
सहयोग, सद्भाव को आज
पूर्ण कैद में डाल स्वतंत्र हो रहा हूँ।
सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.
8115285921
©मौलिक, स्वरचित
श्रेणी:
— आपको यह ब्लॉग पोस्ट भी प्रेरक लग सकता है।
नए ब्लॉग पोस्ट
18-08-2026
स्पेशल 2029
अरे ई कौनो नई बात थोड़े है। गाँव-देहात से लेके फेसबुकिया शहर तक, हर जगहा अक्षय कुमार रूपी ठग अपना जाल बिछाए बैठा है। तनी सुनो। कुछ साल पहिले एक सिनेमा आया था, स्पेशल 26। उड़ी बाबा, का गजब का सिनेमा था। एक तो ठगों का गिरोह, ऊपर से धरम-करम ऐसा कि असली सीबीआई
Read More15-08-2026
मैं आजाद हूं।
मैं आजाद हूँ । गाँव के पूरब टोले में पीपल का पुराना ठूंठ आज फिर बहस की वेदी बना हुआ था। सिरकाही धूप में मधेसर चा अपनी पुरानी लाठी पर दोनों हाथ टिकाए, खंखारते हुए बोले, अरे भइया, हम तो कहते हैं कि देस में अजादी का बयार बह रहा है। अब देखो न, हमारे ज़माने
Read More11-08-2026
नियंत्रण : सृष्टि के संतुलन का अदृश्य सूत्र
नियंत्रण, सृष्टि संतुलन का मूल रहस्य है। जैसे-जैसे कलयुग गहराएगा इंसानियत, मानवता इतना अनियंत्रित हो जाएगा कि उस पर नियंत्रण हेतु सुपर क्वांटम युक्त कृत्रिम बुद्धिमता प्रणाली के मशीन ही एकमात्र उपाय है।
Read More25-07-2026
आइए न हमरा बिहार में।
धरना नहीं, महामेला! सड़क किनारे का वह मैदान आज केवल धूल-धक्कड़ का ढेर नहीं था, उसमें लोकतंत्र की सुराही छलक रही थी। चारों तरफ गोंदली के पत्तों जैसी चंचल भीड़। यह कोई गुस्सा या विरोध का अखाड़ा नहीं था, ई तो गाँव-जवार का महापरब था। दिल्ली-पंजाब वाले जिसे
Read More17-07-2026
धर्म क्या है ?
आस्था है ब्रह्मांड का अस्तित्व है धर्म जन्म के जीवन की दिशा दृष्टिकोण निर्धारण करने का मार्ग है या जन्म जीवन के सत्यार्थ बोध का सत्य है। धर्म ईश्वरीय सत्य का विज्ञान है या आचरण एव संस्कार निर्माण का पथ सिद्धांत है। सर्व प्रथम यह जानना आवश्यक है कि धर्म..
Read More