| ब्लॉग प्रेषक: | अभिषेक कुमार |
| पद/पेशा: | साहित्यकार, सामुदाय सेवी व प्रकृति प्रेमी, ब्लॉक मिशन प्रबंधक UP Gov. |
| प्रेषण दिनांक: | 13-07-2022 |
| उम्र: | 32 |
| पता: | VILL PO JAIHIND TENDUA PS MALIBLOCK NABINAGAR |
| मोबाइल नंबर: | 9472351693 |
गुरु महिमा का बखान
अर्थात गुरु में सबकुछ समाहित है। विद्या, मुक्ति का साधन जरूर है पर गुरु इसी विद्या के संगम की अनेक धारा है। व्यक्ति यदि किसी को गुरु नहीं बनाया तो उसका जीवन भार स्वरूप डगमगाते नाव की भांति है कभी भी पलट सकता है । गुरु संसार की श्रेष्ठ विभूति हैं। स्वयं भगवान ने कई बार अपने से बड़ा गुरु को बताया है। गुरु व्यक्ति को जीवन के अनंत रहस्यों से पर्दा उठाते हैं, लक्ष्य भेद कर जीवन में सिद्ध कराते हैं एवं सामर्थ्यवान, योग्य बनाते हैं। गुरु की महिमा को आत्मसात करने से व्यक्ति भवसागर से पार हो सकता है। शरीर, आत्मा, मन का साक्षात्कार और ईश्वर की खोज, निश्चिन्त जीवन, सच्चा सुख गुरु का ज्ञान ही दिला सकता है। गुरु मूल प्राथमिक पथप्रदर्शक हैं जो आत्मबोध की सफर करा देते हैं। अनुशासन, नियम, चरित्र निर्माण में गुरु अपने बुद्धि कौशल विवेक से सक्षम बनाते हैं।
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18-08-2026
स्पेशल 2029
अरे ई कौनो नई बात थोड़े है। गाँव-देहात से लेके फेसबुकिया शहर तक, हर जगहा अक्षय कुमार रूपी ठग अपना जाल बिछाए बैठा है। तनी सुनो। कुछ साल पहिले एक सिनेमा आया था, स्पेशल 26। उड़ी बाबा, का गजब का सिनेमा था। एक तो ठगों का गिरोह, ऊपर से धरम-करम ऐसा कि असली सीबीआई
Read More15-08-2026
मैं आजाद हूं।
मैं आजाद हूँ । गाँव के पूरब टोले में पीपल का पुराना ठूंठ आज फिर बहस की वेदी बना हुआ था। सिरकाही धूप में मधेसर चा अपनी पुरानी लाठी पर दोनों हाथ टिकाए, खंखारते हुए बोले, अरे भइया, हम तो कहते हैं कि देस में अजादी का बयार बह रहा है। अब देखो न, हमारे ज़माने
Read More11-08-2026
नियंत्रण : सृष्टि के संतुलन का अदृश्य सूत्र
नियंत्रण, सृष्टि संतुलन का मूल रहस्य है। जैसे-जैसे कलयुग गहराएगा इंसानियत, मानवता इतना अनियंत्रित हो जाएगा कि उस पर नियंत्रण हेतु सुपर क्वांटम युक्त कृत्रिम बुद्धिमता प्रणाली के मशीन ही एकमात्र उपाय है।
Read More25-07-2026
आइए न हमरा बिहार में।
धरना नहीं, महामेला! सड़क किनारे का वह मैदान आज केवल धूल-धक्कड़ का ढेर नहीं था, उसमें लोकतंत्र की सुराही छलक रही थी। चारों तरफ गोंदली के पत्तों जैसी चंचल भीड़। यह कोई गुस्सा या विरोध का अखाड़ा नहीं था, ई तो गाँव-जवार का महापरब था। दिल्ली-पंजाब वाले जिसे
Read More17-07-2026
धर्म क्या है ?
आस्था है ब्रह्मांड का अस्तित्व है धर्म जन्म के जीवन की दिशा दृष्टिकोण निर्धारण करने का मार्ग है या जन्म जीवन के सत्यार्थ बोध का सत्य है। धर्म ईश्वरीय सत्य का विज्ञान है या आचरण एव संस्कार निर्माण का पथ सिद्धांत है। सर्व प्रथम यह जानना आवश्यक है कि धर्म..
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