| ब्लॉग प्रेषक: | स्नेहा सिंह |
| पद/पेशा: | Lecturer |
| प्रेषण दिनांक: | 19-05-2022 |
| उम्र: | 29 |
| पता: | लखनऊ |
| मोबाइल नंबर: | 9453749772 |
पचपन की उम्र का ये बचपन
।। बचपन ।।
पचपन की उम्र में भी बचपन
लेता हैं अंगड़ाइयां
जिधर,भागता हैं ये मन
ये!
लडप्पन भी सैर सपाटा करने में
उधर ही हो जाता हैं मगन ।
भरी बरसात में,कागज की नाव
पानी के बहाव संग ये बहता हैं
ये,बचपन ही हैं साहिब
जो,बेफिक्री से मौज की लहरों संग खुद को
अक्सर,जिया
करता हैं ।
याद आता हैं वो गांव
जो,पड़ा हैं अब सुनसान
गुलजार था कभी लड़प्पन की गूंज से ।
वो,आम के पेड़ की डालियों संग झूमना
गिल्ली डंडे संग मस्तियां करना
और गोली कंचे संग,
शरारत के नए आयाम भरना
जैसे,पुरानी यादों को फिर से ताज़ा सा करना ।।
पतंगों को ऊंची उड़ान देना
जैसे,खुद उड़कर गगन के मस्तक को चूमना ।।
चैन से सोता भी हैं ये बचपन
और जगता हैं भी,
एक ,हसीन ख्वाब संग ये बचपन
ये लडप्पन ।।
स्नेहा कृति
साहित्यकार, पर्यावरण प्रेमी और राष्टीय सह संयोजक
कानपुर उत्तर प्रदेश
श्रेणी:
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