| ब्लॉग प्रेषक: | संतोष कुमार |
| पद/पेशा: | प्रबंधक (रा. ग्रा. आजीविका मिशन) |
| प्रेषण दिनांक: | 15-05-2022 |
| उम्र: | 35 |
| पता: | लखनऊ |
| मोबाइल नंबर: | 9919988236 |
अनुभव
अनुभव
********
जीवन जीना चाहता हूं मैं,
हर लमहों को खुलकर जीना चाहता हूं मैं,
दुखों का पहाड़ मुझपर नज़र गड़ाये बैठा है,,,,
मुझपर ढहनें को तत्पर,,,,,फिर भी
मुझपर उसे ढहने देना चाहता हूं मैं,
और एक अनुभव के साथ जीना चाहता हूँ मैं,
सुख दुःख, मान-अपमान, प्यार-तृष्णा,
अनुभव करना चाहता हूं मैं,
सभी गुत्थियों को सुलझाना चाहता हूं मैं,
पर विवश हूँ अपने ही भंवर में फसा हूँ,
कल्पनाएँ, विचार, सपने, मंथन, इसी में खोया रहता हूँ,
शायद एक नया अनुभव मिले, इसी खोज में लगा रहता हूँ,
इस जहाँ से सभी अनुभवों के साथ विदा होना चाहता हूँ मैं,
इसलिए ये जीवन जीना चाहता हूँ मैं,
चिर निद्रा के समय उस आखरी श्वास को महसूस करना चाहता हूँ मैं,
मृत्यु के बाद होता क्या है, ये जानना चाहता हूँ मैं,
इसलिए एक और जीवन जीना चाहता हूँ मैं,
और वो जीवन भी खुलकर जीना चाहता हूँ मैं,
वो मन का सिसकना, वो मन का हसना,
वो मन का बातें करना,
हर वो पहलू को छूना चाहता हूँ मैं,,,,,,जो
इस जीवन चक्र की लीलाओं में निहित है,
मन में कुछ अभाव सा लगता है,
इसलिए जीना चाहता हूँ मैं,
जिस काल में मन का यह अभाव दूर होगा,
उसी समय मोक्ष को प्राप्त होना चाहता हूँ मैं,
इस जीवन चक्र से सभी अनुभव के साथ विदा होना चाहता हूँ मैं,
जीवन जीना चाहता हूँ मैं,
जीवन जीना चाहता हूँ मैं।।
श्रेणी:
— आपको यह ब्लॉग पोस्ट भी प्रेरक लग सकता है।
नए ब्लॉग पोस्ट
18-08-2026
स्पेशल 2029
अरे ई कौनो नई बात थोड़े है। गाँव-देहात से लेके फेसबुकिया शहर तक, हर जगहा अक्षय कुमार रूपी ठग अपना जाल बिछाए बैठा है। तनी सुनो। कुछ साल पहिले एक सिनेमा आया था, स्पेशल 26। उड़ी बाबा, का गजब का सिनेमा था। एक तो ठगों का गिरोह, ऊपर से धरम-करम ऐसा कि असली सीबीआई
Read More15-08-2026
मैं आजाद हूं।
मैं आजाद हूँ । गाँव के पूरब टोले में पीपल का पुराना ठूंठ आज फिर बहस की वेदी बना हुआ था। सिरकाही धूप में मधेसर चा अपनी पुरानी लाठी पर दोनों हाथ टिकाए, खंखारते हुए बोले, अरे भइया, हम तो कहते हैं कि देस में अजादी का बयार बह रहा है। अब देखो न, हमारे ज़माने
Read More11-08-2026
नियंत्रण : सृष्टि के संतुलन का अदृश्य सूत्र
नियंत्रण, सृष्टि संतुलन का मूल रहस्य है। जैसे-जैसे कलयुग गहराएगा इंसानियत, मानवता इतना अनियंत्रित हो जाएगा कि उस पर नियंत्रण हेतु सुपर क्वांटम युक्त कृत्रिम बुद्धिमता प्रणाली के मशीन ही एकमात्र उपाय है।
Read More25-07-2026
आइए न हमरा बिहार में।
धरना नहीं, महामेला! सड़क किनारे का वह मैदान आज केवल धूल-धक्कड़ का ढेर नहीं था, उसमें लोकतंत्र की सुराही छलक रही थी। चारों तरफ गोंदली के पत्तों जैसी चंचल भीड़। यह कोई गुस्सा या विरोध का अखाड़ा नहीं था, ई तो गाँव-जवार का महापरब था। दिल्ली-पंजाब वाले जिसे
Read More17-07-2026
धर्म क्या है ?
आस्था है ब्रह्मांड का अस्तित्व है धर्म जन्म के जीवन की दिशा दृष्टिकोण निर्धारण करने का मार्ग है या जन्म जीवन के सत्यार्थ बोध का सत्य है। धर्म ईश्वरीय सत्य का विज्ञान है या आचरण एव संस्कार निर्माण का पथ सिद्धांत है। सर्व प्रथम यह जानना आवश्यक है कि धर्म..
Read More