| ब्लॉग प्रेषक: | प्रज्ञा जैमिनी |
| पद/पेशा: | शिक्षिका |
| प्रेषण दिनांक: | 12-05-2022 |
| उम्र: | 57 |
| पता: | रोहिणी, दिल्ली |
| मोबाइल नंबर: | 9013384330 |
प्रज्ञा जैमिनी का जीवन परिचय
रचनाकार का नाम- प्रज्ञा जैमिनी
पिता का नाम- स्वर्गीय श्री हरिबाबू वाशिष्ठ
माता का नाम- स्वर्गीय शकुंतला देवी
पति का नाम- श्री विनय कुमार जैमिनी
वर्तमान व स्थायी पता- 44बी,एम आई जी फ्लैट, पाॅकेट- सी,
फेज-3,अशोक विहार, दिल्ली- 52
फोन नं-27122285,9013384330
ई-मेल- pragya26jaimini@gmail.com
जन्म तिथि- 15/7/1964
जन्म स्थान- दिल्ली
शिक्षा- एम ए (लोक प्रशासन,राजनीति विज्ञान,हिंदी),
बी एड
व्यवसाय- शिक्षिका- एन के बगड़ोदिया पब्लिक स्कूल, सेक्टर- 9,अहिंसा मार्ग, रोहिणी, दिल्ली- 85
प्रकाशित रचनाएँ- कहानी व उपन्यास लेखन में
हिंदी अकादमी द्वारा पुरस्कृत व विभिन्न पत्र-पत्रिकाओ में शताधिक रचनाएँ प्रकाशित ।
कहानी प्र तियोगिता-द्वितीय पुरस्कार (पिताजी की वापसी)
उपन्यास प्रतियोगिता- प्रथम पुरस्कार (आलोक वल्लभा)
प्रकाशित सांझा संग्रह-- कुछ शिक्षक कवि(1),कुछ शिक्षक कवि(2) ,पुष्पगंधा,लम्हों से लफ्जों तक,भाव कलश,संदल सुगंध,नीलांबरा,शहीद,राजभाषा हिन्दी विविध परिप्रेक्ष्य,झंकार नव्या ,रत्नावली, दिल के अल्फ़ाज़, हमरंग पत्रिका, कविता में राम(राममयी रचनावली)
सम्मान -- आगमन समूह,नवांकुर साहित्य सभा ,अर्णव कलश एसोसिएशन,मधुशाला साहित्यिक परिवार, शिवेतरक्षिति साहित्य सृजन समूह,
राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य संस्थान, हरियाणा मंच,हिंदी साहित्य समृद्धि मंच,हिंदी साहित्य अंचल मंच,मीन साहित्य सोशल मंच,,प्रेम फाउंडेशन, दुर्ग,हमरंग साहित्यिक मंच,वैदेही काव्य कुंज,साहित्यिक मित्र मंडल,
राष्ट्रीय शिवशक्ति साहित्य कला उन्नयन मंच,
साहित्य सागर,राष्ट्रीय कवि चौपाल, अखिल भारतीय साहित्य परिषद,वेबपोर्टल साहित्य दर्शन डॉट कॉम आदि प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्थाओं से सौ से अधिक साहित्यिक सम्मानों से सम्मानित।
श्रेणी:
— आपको यह ब्लॉग पोस्ट भी प्रेरक लग सकता है।
नए ब्लॉग पोस्ट
18-08-2026
स्पेशल 2029
अरे ई कौनो नई बात थोड़े है। गाँव-देहात से लेके फेसबुकिया शहर तक, हर जगहा अक्षय कुमार रूपी ठग अपना जाल बिछाए बैठा है। तनी सुनो। कुछ साल पहिले एक सिनेमा आया था, स्पेशल 26। उड़ी बाबा, का गजब का सिनेमा था। एक तो ठगों का गिरोह, ऊपर से धरम-करम ऐसा कि असली सीबीआई
Read More15-08-2026
मैं आजाद हूं।
मैं आजाद हूँ । गाँव के पूरब टोले में पीपल का पुराना ठूंठ आज फिर बहस की वेदी बना हुआ था। सिरकाही धूप में मधेसर चा अपनी पुरानी लाठी पर दोनों हाथ टिकाए, खंखारते हुए बोले, अरे भइया, हम तो कहते हैं कि देस में अजादी का बयार बह रहा है। अब देखो न, हमारे ज़माने
Read More11-08-2026
नियंत्रण : सृष्टि के संतुलन का अदृश्य सूत्र
नियंत्रण, सृष्टि संतुलन का मूल रहस्य है। जैसे-जैसे कलयुग गहराएगा इंसानियत, मानवता इतना अनियंत्रित हो जाएगा कि उस पर नियंत्रण हेतु सुपर क्वांटम युक्त कृत्रिम बुद्धिमता प्रणाली के मशीन ही एकमात्र उपाय है।
Read More25-07-2026
आइए न हमरा बिहार में।
धरना नहीं, महामेला! सड़क किनारे का वह मैदान आज केवल धूल-धक्कड़ का ढेर नहीं था, उसमें लोकतंत्र की सुराही छलक रही थी। चारों तरफ गोंदली के पत्तों जैसी चंचल भीड़। यह कोई गुस्सा या विरोध का अखाड़ा नहीं था, ई तो गाँव-जवार का महापरब था। दिल्ली-पंजाब वाले जिसे
Read More17-07-2026
धर्म क्या है ?
आस्था है ब्रह्मांड का अस्तित्व है धर्म जन्म के जीवन की दिशा दृष्टिकोण निर्धारण करने का मार्ग है या जन्म जीवन के सत्यार्थ बोध का सत्य है। धर्म ईश्वरीय सत्य का विज्ञान है या आचरण एव संस्कार निर्माण का पथ सिद्धांत है। सर्व प्रथम यह जानना आवश्यक है कि धर्म..
Read More