| ब्लॉग प्रेषक: | अभिषेक कुमार |
| पद/पेशा: | |
| प्रेषण दिनांक: | 28-03-2022 |
| उम्र: | 32 |
| पता: | आजमगढ़, उत्तर प्रदेश |
| मोबाइल नंबर: | 9472351693 |
Theory of Old Age किसी वस्तु के पुराना होने का सिद्धांत, द्वारा-अभिषेक कुमार
लेखकीय प्रेरणा
वैसे मेरा मन बचपन से ही भौतिक एवं रसायन विज्ञान की ओर खिंचा चला आता था और उसमें यदि खगोल, अंतरिक्ष विज्ञान की बात हो तो क्या कहना मन बावरा हो कर एक कल्पनाओं के सागर में गोता लगाने लगता आखिर कैसे होंगें असल में चांद सितारे..? कैसा होगा खुला आसमान और आसमान से पृथ्वी को देखने पर कैसा लगता होगा अपनी पृथ्वी..? हमारी विज्ञान में गहरी रुचि होने के कारण इंटरमीडिएट विज्ञान से ही पढ़ा था परंतु ग्रामीण परिवेश में अपनी मातृभाषा हिंदी के माध्यम से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण होने के पश्चात जैसे ही उच्च शिक्षा ग्रहण हेतु पटना गया वहाँ शहरी परिवेश में शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होने के कारण इंटरमीडिएट अनुत्तीर्ण हो गया चुकिं दूसरी बार में अंग्रेजी पर समझ प्राप्त कर पुनः इंटरमीडिएट परीक्षा उतीर्ण हुआ।
स्नातकोत्तर प्रथम श्रेणी से उतीर्ण होने के पश्चात जब हमारा चयन बिहार सरकार के जीविका परियोजना में हुआ तो इस रोजगार प्राप्ति के खुशी के उपलक्ष्य में एक नजदीकी रिश्तेदार ने नौकरी में प्रथम दिन योगदान हेतु एक नए पैंट शर्ट उपहार स्वरूप भेंट किया। उस पैंट शर्ट वाकई में बहुत सुंदर एवं उच्च गुणवत्ता के था मुझे बड़ा पसंद आया, हमने उसे सहेज कर अलमीरा में रख दिया कि किसी और विशेष आयोजन में इसे धारण करूँगा।
नई दिल्ली में दिनांक 20 मार्च 2022 को विश्व संत कबीर अवार्ड-2022 के लिए जब हमारा नाम का चयन हुआ तो मैं प्रफुल्लित हुआ कि इस विशेष आयोजन के दिन मेरे द्वारा सहेजे गए उस विशेष शर्ट पैंट को ही पहनूंगा। जब उक्त तिथि के दिन उस पैंट और शर्ट को अलमीरा से निकाला तो पाया कि उस पैंट शर्ट में पहले जैसा चमक-धमक नहीं रह गया है तथा रंग रोगन भी उदास पड़ गए हैं और उसका सिलाई भी कमजोर पड़ गया है एवं एक ही बार का केवल पहना शर्ट पैंट देखने तथा पहनने में पुराना प्रतीत हो रहा है चुकिं इस दरमियान सात वर्ष व्यतीत हो चुके थें तभी हमने सोंचा की आखिर इस पैंट शर्ट को इससे पहले केवल एक ही बार पहना था फिर इसका इस्तेमाल मैंने किया ही नहीं और यह पूरी तरीके से पैक कर अलमीरा के एक कोने में बंद पड़ा था तो फिर यह आखिर पुराना क्यों हो गया..? यदि दुनियाँ की कोई भी सजीव निर्जीव वस्तुओं पर गौर करेंगें तो वह एक न एक दिन नए से पुराने हो ही जाते हैं, समयोपरांत उनके मूल स्वरूप में बदलाव आ ही जाता है चाहे उनको कितना भी सावधानी पूर्वक सहेज के क्यों न रखें। तब हमने गहराई पूर्वक सोंचा तो न्यूटन के तीसरे गति के नियम याद आया "क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया" दरअसल इसी नियम में छुपा है *"किसी वस्तु के पुराना होने का सिद्धांत" (Theory of Old age)* जो मैं भौतिकी, गणित एवं दार्शनिक तर्कों के आधार पर अपने विवेकानुसार खोज निकाला हूँ जो यह पूरा पुस्तक पढ़ने के बाद स्वतः सिद्ध हो जाएगा।
हो सकता है इस सिद्धांत में कोई त्रुटि हो या इसके तथ्यों में और कोई सुधार या जोड़ने की आवश्यकता हो तो अवगत कराने वाले ऐसे विद्वानों को सहर्ष स्वागत एवं अभिनंदन करता हूँ तथा हम उनके विचारों को पूरा सम्मान करेंगें और उनके संसोधन को इस पुस्तक में उनके नाम से जरूर अंकित करेंगें।
जल्द ही www.dpkavishek.in एवं अमेज़न पर यह पुस्तक लाइव होगी।
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अभिषेक कुमार
हिंदी साहित्यकार, सामुदाय सेवी व प्रकृति प्रेमी
श्रेणी:
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