वंगल नागवेंकट पद्मावती

121. शिक्षा और मानवता


शोधार्थी: वंगल नागवेंकट पद्मावती
पंजीयन संख्या: HRC/369/81

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अति संक्षेप शोध सारांश:

शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि एक संपूर्ण और संवेदनशील मानव का निर्माण करना है। आज की शिक्षा प्रणाली अधिकतर अंक और नौकरी केंद्रित हो गई है, जिससे मानवीय मूल्यों जैसे करुणा, सहानुभूति, सत्य, अहिंसा, और सहयोग का ह्रास हो रहा है। इन मूल्यों के बिना समाज में समरसता और शांति बनाए रखना कठिन है।\r\nमूल्य आधारित शिक्षा से छात्र न केवल कुशल पेशेवर बनते हैं, बल्कि अच्छे नागरिक भी बनते हैं। इसके लिए नैतिक शिक्षा को अनिवार्य बनाना, कहानियों व जीवन चरित्रों के माध्यम से मूल्य सिखाना, और शिक्षकों व अभिभावकों को आदर्श प्रस्तुत करना आवश्यक है। शिक्षक छात्रों के चरित्र निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।\r\nयदि शिक्षा प्रणाली में मानवीय मूल्यों को फिर से स्थापित किया जाए, तो समाज को जिम्मेदार, संवेदनशील और नैतिक नागरिक मिलेंगे। यही सच्चे अर्थों में शिक्षा की सार्थकता होगी।

शोधार्थी वंगल नागवेंकट पद्मावती
पता 1-1-3/52P, OPP SAI JASMINE ARCADE, KAPRA, AS RAO NAGAR, HYDERABAD-500062
मोबाइल नंबर +919951974900
ई-मेल nagavenkatapadmavathivangala@gmail.com
प्रकार ई-बुक/ई-पठन
भाषा हिन्दी
कॉपीराइट नहीं
पठन आयु वर्ग सभी लोग
कुल पृष्टों की संख्या 60
ISBN(आईएसबीएन)
शोध संस्थान का नाम दिव्य प्रेरक कहानियाँ मानवता अनुसंधान केंद्र
Publisher/प्रकाशक दिव्य प्रेरक कहानियाँ, साहित्य विधा पठन एवं ई-प्रकाशन केंद्र
अति संक्षेप शोध सारांश शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि एक संपूर्ण और संवेदनशील मानव का निर्माण करना है। आज की शिक्षा प्रणाली अधिकतर अंक और नौकरी केंद्रित हो गई है, जिससे मानवीय मूल्यों जैसे करुणा, सहानुभूति, सत्य, अहिंसा, और सहयोग का ह्रास हो रहा है। इन मूल्यों के बिना समाज में समरसता और शांति बनाए रखना कठिन है।\r\nमूल्य आधारित शिक्षा से छात्र न केवल कुशल पेशेवर बनते हैं, बल्कि अच्छे नागरिक भी बनते हैं। इसके लिए नैतिक शिक्षा को अनिवार्य बनाना, कहानियों व जीवन चरित्रों के माध्यम से मूल्य सिखाना, और शिक्षकों व अभिभावकों को आदर्श प्रस्तुत करना आवश्यक है। शिक्षक छात्रों के चरित्र निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।\r\nयदि शिक्षा प्रणाली में मानवीय मूल्यों को फिर से स्थापित किया जाए, तो समाज को जिम्मेदार, संवेदनशील और नैतिक नागरिक मिलेंगे। यही सच्चे अर्थों में शिक्षा की सार्थकता होगी।
अन्य कोई अभियुक्ति
पर्यवेक्षक/मार्गदर्शक डॉ. नयन प्रकाश
अपलोड करने की तिथि 31-07-2025

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