सौहार्द शिरोमणि संत डॉ सौरभ जी महाराज और मानवता
सौहार्द शिरोमणि संत डॉ. सौरभ पांडेय जी महाराज एक प्रख्यात समाजसेवी, आध्यात्मिक गुरु और मानवतावादी विचारक हैं, जिन्होंने विश्व शांति और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में धराधाम इंटरनेशनल केंद्र के संस्थापक के रूप में, वे मानवता को एक सूत्र में बांधने के लिए कृतसंकल्पित हैं। धराधाम परिसर, जहां सभी धर्मों के पूजा स्थल एक साथ स्थापित हैं, विश्व शांति और कौमी एकता का प्रतीक है। डॉ. सौरभ जी का दर्शन 'वसुधैव कुटुंबकम्' के सिद्धांत पर आधारित है, जो मानवता, प्रेम और सत्य को सर्वोपरि मानता है। डॉ. निशा अग्रवाल जी द्वारा लिखित शोध प्रबंध सौहार्द शिरोमणि डॉ संत सौरभ जी महाराज और मानवता' सामाजिक और आध्यात्मिक एकता पर केंद्रित है। यह शोध प्रबंध मानवता की गिरावट, धार्मिक कट्टरता और सामाजिक वैमनस्यता के मूल कारणों और निवारण का विश्लेषण करता है। यह मानवता को पुनर्जनन के लिए व्यावहारिक और आध्यात्मिक समाधान प्रस्तुत करता है, जिसमें शिक्षा, सांस्कृतिक एकता और प्रेम पर बल दिया गया है। डॉ. सौरभ जी का यह कार्य विश्व के 132 देशों में उनके संगठन के माध्यम से सामाजिक विकास और शांति के लिए प्रेरणा स्रोत बना हुआ है।
| लेखक | डॉ निशा अग्रवाल |
| पता | जयपुर, राजस्थान |
| मोबाइल नंबर | +91 94548 51731 |
| ई-मेल | dpkhrc@gmail.com |
| सह लेखक | |
| प्रकार | ई-बुक/ई-पठन |
| भाषा | हिंदी |
| कॉपीराइट | हाँ |
| पठन आयु वर्ग | सब लोग |
| कुल पृष्टों की संख्या | 182 |
| ISBN(आईएसबीएन) | NA |
| Publisher/प्रकाशक | दिव्य प्रेरक कहानियाँ, साहित्य विधा पठन एवं ई-प्रकाशन केंद्र, जयहिंद तेंदुआ, औरंगाबाद, बिहार, भारत |
| अन्य | शोध पर्यवेक्षक: डॉ. (प्रो.) जनक सिंह मीणा (गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय, गांधीनगर, गुजरात) |
| प्रकाशित तिथि | 19-05-25 |