त्यागमूर्ति माता रमाबाई आंबेडकर (महाकाव्य)
भारत के संविधान शिल्पी और भारत रत्न डॉ भीमराव जी आंबेडकर की धर्मपत्नी त्यागमूर्ति माता रमाबाई आंबेडकर जी के त्याग, साहस, उदारता, परिश्रम,अपनत्व,तप,बलिदान, समर्पण, धैर्य, पारदर्शिता, अनुशासन, कर्मठता एवं सामाजिक अनुराग को विश्व पटल पर प्रकाश में लाने को निमित्त इस महाकाव्य की रचना की गई है ताकि आज की नारी-शक्ति इनके चारित्रिक गुणों से प्रेरणा पाकर और अधिक सेवा एवं समर्पण भाव से राष्ट्र की उन्नति में विशेष योगदान प्रदत्त करें l
| लेखक | डॉ. मक्खन लाल तंवर, नारनौल, हरियाणा |
| पता | मकान- 173,फेज -1, साहित्य सदन, हुडा सेक्टर-1, नारनौल, हरियाणा, 123001 |
| मोबाइल नंबर | 9416299173 |
| ई-मेल | mltanwar173@gmail.com |
| सह लेखक | |
| प्रकार | ई-बुक/ई-पठन |
| भाषा | हिन्दी |
| कॉपीराइट | हाँ |
| पठन आयु वर्ग | सब लोग |
| कुल पृष्टों की संख्या | 120 |
| ISBN(आईएसबीएन) | 978-93-94387-95-9 |
| Publisher/प्रकाशक | दिव्य प्रेरक कहानियाँ, साहित्य विधा पठन एवं ई-प्रकाशन केंद्र, जयहिंद तेंदुआ, औरंगाबाद, बिहार, भारत |
| अन्य | NA |
| प्रकाशित तिथि | 03-09-25 |